Monday, January 17, 2022
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NDA में अशोक VS औरंगजेब: सम्राट अशोक को लेकर BJP-JDU में विवाद, सुशील मोदी बोले- लेखक का भाजपा से कोई संबंध नहीं – sarenews 2022


पटना28 मिनट पहले

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बिहार में बिहारियत और बिहार के इतिहास को लेकर बहस छिड़ गई है। वजह यह है कि प्रसिद्ध लेखक दया प्रकाश सिंहा ने सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से कर दी है। ऐसे में सत्तारुढ दल के दो पार्टी आपस में भीड़ गए हैं। दरअसल, JDU ने दया प्रकाश सिंहा की इस टिपण्णी पर कड़ा एतराज जताया है। यहां तक कि दया प्रकाश सिंहा को मिले पद्मश्री पुरस्कार को वापस करने की मांग की है।

दया प्रकाश सिंहा भाजपा से रिश्ता रखते हैं। लेकिन भाजपा के दिग्गज नेता सुशील मोदी ने इस बात से इंकार किया है कि दया प्रकाश सिंहा का भाजपा से कोई संबंध है। जदयू के इस आरोप पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने उन नेताओं को ‘राजनीतिक भस्मासुर’ तक कह डाला।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का पलटवार
BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि कुछ तथाकथित बुद्धिजीवियों के लिए नकारात्मक प्रचार भी मेवा देने वाला पेड़ है। लेकिन, मुझे आश्चर्य तब होता है, जब कुछ समझदार राजनैतिक कार्यकर्ता भी इनके जाल में फंस कर अपना प्रचार में लग जाते हैं। वह यह भी नहीं सोचते कि इससे समाज को कितना नुकसान हो रहा है अगर इन्हें भरपेट मेवा न दिया जाए तो इन्हें उस पेड़ की जड़ में मट्ठा डालने से भी परहेज नहीं होता। यही वजह है कि बुद्धिजीवियों द्वारा इन्हें ‘राजनीतिक भस्मासुर’ की संज्ञा दी जाती है।

भाजपा को जबरन घसीटा गया

बिहार में भी एनडीए सरकार की मजबूती और अनुशासन के कारण कुछ ‘ख़ास नेताओं’ को मन मुताबिक मेवा नहीं मिल रहा है। यही वजह है कि यह लोग किसी न किसी मुद्दे पर लगभग रोजाना ही अलग-अलग विषयों पर एनडीए को बदनाम करने के अपने एकसूत्री एजेंडे पर कार्यरत रहते हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक और औरंगजेब की तुलना के मुद्दे को ही ले लें तो कुछ ‘ख़ास नेताओं’ की ओर से जबरन इस प्रकरण में भाजपा को घसीटा जा रहा है।

दोनों में कोई तुलना नहीं

यह सर्वविदित है कि सम्राट अशोक और औरंगजेब दो विपरीत ध्रुव हैं, जिनकी आपस में तुलना की ही नहीं जा सकती। सम्राट अशोक का जीवन हमें जहां मानवीय भावनाओं पर सत्य और शांति की जीत की शिक्षा देता है। वहीं, औरंगजेब का पूरा इतिहास ही लूट, हत्या और मंदिरों को तोड़ने जैसे कुकृत्यों से भरा हुआ है। सही मानसिकता वाला कोई भी शख्स न तो इन दोनों में तुलना कर सकता है और न ही इनकी तुलना करने वालो को तवज्जो दे सकता है।

पुरस्कार पर सवाल

BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के इस बयान पर तुरंत JDU के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अच्छा लगा, संजय जायसवाल ने सम्राट अशोक की औरंगजेब से की गई तुलना को नकारात्मक प्रचार से मेवा प्राप्त करने वाला पेड़ बताया। मगर ऐसे कुकर्म के बदले पुरस्कार से नवाजा जाना आखिर क्या साबित करता है ? देर से ही सही, भूल-सुधार के लिए पुरस्कार वापसी की मांग पर आपका समर्थन है ?

सम्राट अशोक की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश

इधर, मामले को बढ़ता हुआ देख सुशील मोदी ने कहा है कि प्राचीन भारत के यशस्वी सम्राट अशोक का भाजपा सम्मान करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी किया था। 2015 में पहली बार सम्राट अशोक की 2320 वीं जयंती बड़े स्तर पर मनायी और फिर बिहार सरकार ने अप्रैल में उनकी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की। इस साल 9 अप्रैल को बिहार सरकार ने सम्राट अशोक जयंती पर सार्वजनिक अवकाश दिया है।

सम्राट अशोक पर जिस लेखक (दया प्रकाश सिन्हा) ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं है और न उनके बयान को बेवजह तूल देने की जरूरत है। भाजपा का राष्ट्रीय स्तर पर कोई सांस्कृतिक प्रकोष्ठ नहीं है। हम अहिंसा और बौद्ध धर्म के प्रवर्तक सम्राट अशोक की कोई भी तुलना औरंगजेब जैसे क्रूर शासक से करने की कड़ी निंदा करते हैं।

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