Category Archives: Hindi Blog

दहेज प्रथा पाप है

By | July 11, 2021

BY SHREYA SHUKLA कितने अरमानों से ढूँढता है वो बेटी को नया आशियानाफिर क्यों उस आशियाने के लिए चुकाना पड़ता है उसे इतना बड़ा कर्ज़ानाक्या खुश नहीं एक बेटी लेकरजो सफ़ारी की उम्मीद सजाए बैठे होक्या इतना सस्ता है तुम्हारा वो बेटाजिसे तुम बीस लाख के मोल बेचने बैठे हो…..दस सफ़ारियों के बदले भी वो रौनक नहीं दे… Read More »

स्त्री और पुरूष एक ही सिक्के के दो पहलू हैं?

By | July 10, 2021

By Shreya Shukla स्त्री और पुरुष एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जिनके विकास की बात एक के बिना करना मिथ्या सिद्ध होगा|लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि ज़िन्दगी के दोनों पहियों को बराबर लाने के लिए कोई कदम उठाए जाते हैं तो एक पहिया अपने अहंकार को बरतते हुए चलना ही क्यों छोड़ देता है।… Read More »

क्या अभी भी तुम सामाजिक पिंजड़े में कैद हो

By | July 10, 2021

BY SHREYA SHUKLA क्या किया है कभी तुमने खुद से प्यार ,या फ़िर तुम भी किसी प्यसि के प्यार में विलीन हो ? क्या खोलकर उन पंखों को कभी भरी है वो उड़ान तुमने , या फ़िर तुम अभी भी उस सामाजिक पिंजड़े में कैद हो ? क्या किया है कभी तुमने खुदपर विश्वास , या फ़िर अभी भी तुम सबूतों को जोड़ते… Read More »

कोरोना: गंभीर बीमारी या व्यक्तिगत लाभ?

By | July 9, 2021

BY SHREYA SHUKLA कोरोना क्या है? क्या कोरोना भी एक व्यापार है, जिससे मात्र एक वर्ग ही प्रभावित होता है? हास्यास्पद हुआ जब पता चला कि कोरोनावायरस एक ऐसी बीमारी है, जिसके सिम्टम्स अमीरों को माइल्ड, और गरीबों को गंभीर होते हैं| एक ऐसा वायरस है, जो मात्र आम जनता के द्वारा ही फैलता है|सवाल उठता है कि… Read More »

*यदि हम थर्ड जेंडर है तो फ़र्स्ट कौन?*

By | July 8, 2021

BY SHREYA SHUKLA \”स्त्री और पुरुष समाज निर्माण का मुख्य स्रोत हैं\” यह कहते तो सबने सुना होगा| \’समानता का अधिकार,समानता\’ इन सभी शब्दों को सब ने गंभीरता से लेते हुए अक्सर स्त्रियों और पुरुषों की समानता की बात की होगी। लेकिन इन सबके बीच जो अक्सर हम भूल जाते हैं, या यूं कहें कि जिसकी बराबरी से… Read More »

देह व्यापार: एक कदम वास्तवीकरण की ओर

By | July 8, 2021

देह व्यापार: एक कदम वास्तवीकरण की ओर – BY SHREYA SHUKLA आज 21वीं सदी में नारीवाद की बात तो सब करते हैं नारी और पुरुषों की समानता की बात करते हैं| लेकिन नारीवाद की होड़ में बढ़ रहे नारी वास्तुविकरण का क्या ? युगो से ही स्त्री के वस्तुकरण का प्रमाण हमें मिलता है| फिर चाहे वह देह… Read More »