Sunday, January 16, 2022
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यूएन की चेतावनी: भारत में अप्रैल-मई में दूसरी लहर के बीच गईं 2.40 लाख जानें, यह स्थिति जल्द लौटने का खतरा – news 2022


वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 13 Jan 2022 11:08 PM IST

सार

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कोरोनावायरस को रोकने के लिए वैक्सीन साझाकरण से जुड़ा वैश्विक नजरिया नहीं अपनाया गया, तो महामारी पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर खतरा बनी रहेगी।

अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज
– फोटो : amar ujala

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विस्तार

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में भारत में आई कोरोना दूसरी लहर को लेकर बड़ा दावा किया गया है। इसमें कहा गया है कि अप्रैल से जून 2021 के बीच भारत में डेल्टा वैरिएंट की लहर में 2 लाख 40 हजार लोगों की जान चली गई थी। इससे देश की आर्थिक स्थिति बुरी तरह बिगड़ी थी। यूएन ने चेतावनी दी कि भारत के लिए जल्द यह स्थिति फिर पैदा हो सकती है। 

यूएन की वर्ल्ड इकोनॉमिक सिचुएशन एंड प्रोसपेक्ट्स (WESP) 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमिक्रॉन वैरिएंट की वजह से संक्रमण की नई लहरें आ रही हैं और अर्थव्यवस्थाओं पर इसका असर बढ़ना तय है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कोरोनावायरस को रोकने के लिए वैक्सीन साझाकरण से जुड़ा वैश्विक नजरिया नहीं अपनाया गया, तो महामारी पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर खतरा बनी रहेगी। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दक्षिण एशिया आगे बड़ी मुसीबतों का सामना कर सकता है। यहां कोरोना टीकाकरण की धीमी रफ्तार नए वैरिएंट्स और बार-बार उभरने वाले मामलों को बढ़ावा देती रहेगी। 

दिसंबर 2021 तक के आंकड़ों को देखा जाए तो सामने आता है कि बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान की 26 फीसदी से भी कम आबादी पूर्ण टीकाकरण के दायरे में थी। इस दौरान भूटान, मालदीव और श्रीलंका की 64 फीसदी से ज्यादा आबादी को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थीं।

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